ABHI TUMKO MERI KADAR NAHI

अभी में तुम्हारे साथ में हु तो तुमको मेरी क़द्र नहीं

जब चला जाऊंगा सदा के लिए तो फिर तुम वापस मुझे कभी न पाओगे

तुम रोओगे चिल्लाओगे सर पीटोगे तुम चीखोगे

लेकिन इतना सब करके भी तुम वापस मुझे कभी न पाओगे

जब बैठोगे तन्हाई में तो मेरी याद सताएगी

सब बोलेंगे की सोजाओ पर फिर भी तुम सो न पाओगे

जब आयेंगे सब तुमसे मिलने तो, उनमें ढून्ढोगे तुम मुझको भी

नजरे थक कर आजाएँगी पर पर तुम मुझको ढून्ढ न पाओगे

जब चला जाऊंगा सदा के लिए तो फिर तुम वापस मुझे कभी न पाओगे

जब बैठोगे तुम अपनों में और बात हमारी निकलेगी

तुम चाहोगे तन्हा होकर रोना पर तुम तन्हा भी न हो पाओगे

जब देखोगे मेरे कपड़ो को तो उनसे लिपट कर रोओगे तुम

क्यों की उन कपड़ो को तुम अब मुझे कभी न पह्ना पाओगे

मेरा चश्मा , घडी , जूते और पेन , सहेज के इनको रखोगे तुम

और सोंचोगे कही से में आजाऊ पर तुम मुझको कंही न पाओगे

तुम तडपोगे तुम रोओगे और अक्सर रोते रोते सो जाओगे

देखूंगा में ये सब, तब भी पर तुम मुझको देख न पाओगे

जब चला जाऊंगा सदा के लिए तो फिर तुम वापस मुझे कभी न पाओगे

में आऊंगा तुम्हारे ख़्वाबो में और बात करूँगा यादोँ में

यह वक़्त गुजरता जायेगा पर तुम मुझको भूल न पाओगे

तुम ख़ुश रहना इस दुनिया में ज्यादा न रोना मेरी खातिर

वरना तुम सांस तो लोगे ही पर जिन्दा न रह पाओगे

जब सुनोगे किसी से बात मेरी तो भागोगे तन्हाई में

जी भर के आंसू बहाओगे तुम खुद को रोक न पाओगे

जब चला जाऊंगा सदा के लिए तो फिर तुम वापस मुझे कभी न पाओगे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *